Mobile Ke Side Effects
"मोबाइल के साइड इफ़ेक्ट"
आज 14 सितंबर 2019 "हिंदी दिवस" के अवसर पर लोहमार्ग पुलिस मुंबई और रेलवे अधिकारियों के समक्ष "जन्नत मीडिया प्रोडक्शन " और उसके कलाकारों ने "मोबाइल के साइड इफ़ेक्ट" पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी।
सभी ने इस नाटक से काफी कुछ सीखा और हम कामना करते है कि वो इस पर अमल भी करेंगे।
इस नाटक में हमने मोबाइल से होने वाली बीमारियां ,मोबाइल के दुष्प्रभाव, इयरफोन से होने वाली आज कल की समस्याएं और मोबाइल के जरिये सोशल मीडिया का होने वाला दुरुपयोग को पूरी तरह से इस नाटक में समझाया गया है।साथ ही ये भी दर्शाया गया कि लोग किस तरह रेलवे के नियमों का पालन नही करते और खुद को तकलीफ में डाल देते है,जबकि रेलवे ने हर नियम पर अमल करने पर जोर दिया है और ना करने पर होने वाली परेशानी को भी बताया है की रेलवे में इयरफोन और मोबाइल का कब और कैसे इस्तेमाल करें ये सब बातें इस नाटक के जरिये हमने बताने की कोशिश की है।
वहां उपस्थित सभी लोगों ने इस नाटक का भरपूर लुफ्त उठाया और हमारे सुनहरे भविष्य और इस नेक काम के लिए हमे बधाई और आशीर्वाद दिया ।
उपस्थित रेलवे अधिकारी :
प्रकाश का. काकड़े ( स्टेशन निदेशक)
एस जे सावंत (स्टेशन मैनेजर)
प्रसाद दशरथ पांढरे(वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक)
संचालक: जहीर शाह
लेखक: धर्मेंद्र तिवारी
दिग्दर्शक: निज़ामुद्दीन शाह
कलाकार:
महेश शिंदे
फिरदोस शेख
अजीत आर्यन
विजय मित्रा
संदीप जैसवार
मनीष साह
सुजीत कुमार
धर्मेंद्र तिवारी
सहयोगी:-
बशीर शाह
शहाबुद्दीन शाह
सभी ने इस नाटक से काफी कुछ सीखा और हम कामना करते है कि वो इस पर अमल भी करेंगे।
इस नाटक में हमने मोबाइल से होने वाली बीमारियां ,मोबाइल के दुष्प्रभाव, इयरफोन से होने वाली आज कल की समस्याएं और मोबाइल के जरिये सोशल मीडिया का होने वाला दुरुपयोग को पूरी तरह से इस नाटक में समझाया गया है।साथ ही ये भी दर्शाया गया कि लोग किस तरह रेलवे के नियमों का पालन नही करते और खुद को तकलीफ में डाल देते है,जबकि रेलवे ने हर नियम पर अमल करने पर जोर दिया है और ना करने पर होने वाली परेशानी को भी बताया है की रेलवे में इयरफोन और मोबाइल का कब और कैसे इस्तेमाल करें ये सब बातें इस नाटक के जरिये हमने बताने की कोशिश की है।
वहां उपस्थित सभी लोगों ने इस नाटक का भरपूर लुफ्त उठाया और हमारे सुनहरे भविष्य और इस नेक काम के लिए हमे बधाई और आशीर्वाद दिया ।
उपस्थित रेलवे अधिकारी :
प्रकाश का. काकड़े ( स्टेशन निदेशक)एस जे सावंत (स्टेशन मैनेजर)
प्रसाद दशरथ पांढरे(वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक)
संचालक: जहीर शाह
लेखक: धर्मेंद्र तिवारी
दिग्दर्शक: निज़ामुद्दीन शाह
कलाकार:
महेश शिंदे
फिरदोस शेख
अजीत आर्यन
विजय मित्रा
संदीप जैसवार
मनीष साह
सुजीत कुमार
धर्मेंद्र तिवारी
सहयोगी:-
बशीर शाह
शहाबुद्दीन शाह
